Kathgulab

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Kathgulab

Number of Pages : 266
Published In : 2016
Available In : Paperback
ISBN : 81-263-0207-0
Author: Mridula Garg

Overview

प्रतिष्ठित हिंदी कलाकार मृदुला गर्ग का प्रसिद्ध उपन्यास 'कठगुलाब'. यह सत्य है की नितांत वयक्तित कुछ नहीं होता और न ही नितांत सामाजिक. दरअसल, व्यक्ति के माध्यम से समाज को और समाज के माध्यम से व्यक्ति को परखना होता है. कहना न होगा कि वह व्यक्ति जब स्त्री हो तो अन्तः सम्बन्ध और अधिक जटिल एवं दिलचस्प हो उठते है. 'कठगुलाब' उपन्यास ऐसी ही अनेक औरतो की जिंदगी का जायजा लेता हुआ जीवन के उन तमाम संगत-असंगत तत्वों को खोज लेता है , जो कभी व्यक्ति को व्यक्ति से जोड़कर और कभी तोड़कर एक सतत गतिशील समाज को जन्म देते है.

Price     Rs 250

प्रतिष्ठित हिंदी कलाकार मृदुला गर्ग का प्रसिद्ध उपन्यास 'कठगुलाब'. यह सत्य है की नितांत वयक्तित कुछ नहीं होता और न ही नितांत सामाजिक. दरअसल, व्यक्ति के माध्यम से समाज को और समाज के माध्यम से व्यक्ति को परखना होता है. कहना न होगा कि वह व्यक्ति जब स्त्री हो तो अन्तः सम्बन्ध और अधिक जटिल एवं दिलचस्प हो उठते है. 'कठगुलाब' उपन्यास ऐसी ही अनेक औरतो की जिंदगी का जायजा लेता हुआ जीवन के उन तमाम संगत-असंगत तत्वों को खोज लेता है , जो कभी व्यक्ति को व्यक्ति से जोड़कर और कभी तोड़कर एक सतत गतिशील समाज को जन्म देते है.
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