Bus Ka Tikat

view cart
Availability : Stock
  • 0 customer review

Bus Ka Tikat

Number of Pages : 216
Published In : 2007
Available In : Paperback
ISBN : 978-81-263-1447-8
Author: Gangadhar Gadgil

Overview

दरअसल विशिष्ट सामाजिक जीवन की सम्बद्धता और बौद्धिक विशिष्टता की सीमाओं को न माननेवाली गंगाधर गाडगिल की हास्य-प्रवृत्तियों ने घेरों को कभी नहीं माना। परम्परा की कतिपय प्रवृत्तियों और समानताओं के बावजूद गाडगिल जी के हास्य-व्यंग्य की अपनी अलग अस्मिता रही है। परम्परा को नये आयाम दिलाने के साथ गाडगिल उन नवीन  प्रवृत्तियों को भी गढ़ते हैं जिनका संकेत तक परम्परा में नहीं है। प्रस्तुत है एक समर्थ हास्य-व्यंग्यकार की महत्त्वपूर्ण कृति का नया संस्करण।

Price     Rs 75/-

Rates Are Subjected To Change Without Prior Information.

    Due to some technicalities we are unable to process any order. Any inconvenience is deeply regreted.

दरअसल विशिष्ट सामाजिक जीवन की सम्बद्धता और बौद्धिक विशिष्टता की सीमाओं को न माननेवाली गंगाधर गाडगिल की हास्य-प्रवृत्तियों ने घेरों को कभी नहीं माना। परम्परा की कतिपय प्रवृत्तियों और समानताओं के बावजूद गाडगिल जी के हास्य-व्यंग्य की अपनी अलग अस्मिता रही है। परम्परा को नये आयाम दिलाने के साथ गाडगिल उन नवीन  प्रवृत्तियों को भी गढ़ते हैं जिनका संकेत तक परम्परा में नहीं है। प्रस्तुत है एक समर्थ हास्य-व्यंग्यकार की महत्त्वपूर्ण कृति का नया संस्करण।
Add a Review
Your Rating