Amrita

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Amrita

Number of Pages : 340
Published In : 2018
Available In : Paperback
ISBN : 978-81-263-1529-1
Author: Raghuvir Choudhary

Overview

प्रसिद्ध गुजराती कथाकार,कवि, लेखक और समीक्षक। 1938 में बापुपुरा, महेसाणा (उत्तर गुजरात) में जन्म। गुजरात विश्वविद्यालय से एम. ए. (हिन्दी,संस्कृत) तथा पी-एच. डी. (भाषा-विज्ञान)। गुजरात विश्वविद्यालय के हिन्दी विभाग के निवर्तमान प्राध्यापक। साहित्य अकादेमी, दिल्ली की जनरल काउंसिल के पूर्व सदस्य। गुजरात साहित्य परिषद के पूर्व अध्यक्ष। प्रेस काउंसिल अॅाफ इंडिया के सदस्य। प्रकाशन : गुजराती में विविध विधाओं में साठ के लगभग मौलिक कृतियाँ। इनमें पूर्वराग, अमृता, आवरण, वेणु वत्सला, उपरवास कथात्रयी, लागणी आदि अ_ïाईस उपन्यास; आकस्मिक स्पर्श, गेर समज, अतिथिगृह, विरहिणी गणिका आदि पाँच कहानी-संग्रह; तमसा, वहेतां वृक्ष पवनमां आदि चार कविता-संग्रह; अशोकवन, झूलता मिनारा, सिकन्दर सानी आदि पँाच नाटक; सहरानी भव्यता, तिलक करे रघुवीर आदि रेखाचित्र; गुजराती नवलकथा, अद्यतन कविता, वार्ता विशेष, दर्शकना देशमां आदि आलोचना-ग्रन्थ सम्मिलित हैं। यात्रावृत्त और ललित निबन्ध एवं सम्पादन-अनुवाद सम्बन्धी अनेक पुस्तकें भी। पुरस्कार/सम्मान : 'कुमार चन्द्रक’, 'रणजीतराम सुवर्णचन्द्रक’, 'साहित्य अकादेमी पुरस्कार’, 'सौहार्द सम्मान’, 'गोवर्धनराम पुरस्कार’, 'के.के .मुंशी स्वर्णचन्द्रक’, 'गौरव पुरस्कार’, 'नर्मद चन्द्रक’आदि।

Price     Rs 380

प्रसिद्ध गुजराती कथाकार,कवि, लेखक और समीक्षक। 1938 में बापुपुरा, महेसाणा (उत्तर गुजरात) में जन्म। गुजरात विश्वविद्यालय से एम. ए. (हिन्दी,संस्कृत) तथा पी-एच. डी. (भाषा-विज्ञान)। गुजरात विश्वविद्यालय के हिन्दी विभाग के निवर्तमान प्राध्यापक। साहित्य अकादेमी, दिल्ली की जनरल काउंसिल के पूर्व सदस्य। गुजरात साहित्य परिषद के पूर्व अध्यक्ष। प्रेस काउंसिल अॅाफ इंडिया के सदस्य। प्रकाशन : गुजराती में विविध विधाओं में साठ के लगभग मौलिक कृतियाँ। इनमें पूर्वराग, अमृता, आवरण, वेणु वत्सला, उपरवास कथात्रयी, लागणी आदि अ_ïाईस उपन्यास; आकस्मिक स्पर्श, गेर समज, अतिथिगृह, विरहिणी गणिका आदि पाँच कहानी-संग्रह; तमसा, वहेतां वृक्ष पवनमां आदि चार कविता-संग्रह; अशोकवन, झूलता मिनारा, सिकन्दर सानी आदि पँाच नाटक; सहरानी भव्यता, तिलक करे रघुवीर आदि रेखाचित्र; गुजराती नवलकथा, अद्यतन कविता, वार्ता विशेष, दर्शकना देशमां आदि आलोचना-ग्रन्थ सम्मिलित हैं। यात्रावृत्त और ललित निबन्ध एवं सम्पादन-अनुवाद सम्बन्धी अनेक पुस्तकें भी। पुरस्कार/सम्मान : 'कुमार चन्द्रक’, 'रणजीतराम सुवर्णचन्द्रक’, 'साहित्य अकादेमी पुरस्कार’, 'सौहार्द सम्मान’, 'गोवर्धनराम पुरस्कार’, 'के.के .मुंशी स्वर्णचन्द्रक’, 'गौरव पुरस्कार’, 'नर्मद चन्द्रक’आदि।
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