Chandramukhi

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Chandramukhi

Number of Pages : 476
Published In : 2012
Available In : Paperback
ISBN : 978-81-263-4005-7
Author: Vishwas Patil

Overview

विश्वास पाटील आधुनिक मराठी के अग्रणी लेखकों में से एक हैं। अपने सामाजिक तथा ऐतिहासिक उपन्यासों के कारण न सिर्फ मराठी साहित्य जगत में विख्यात हैं बल्कि हिन्दी, गुजराती और कन्नड़ के साहित्यप्रेमियों के बीच भी लोकप्रिय हैं। विश£ेषणपरक इतिहासबोध और संवेदनात्मक सामाजिक सरोकारों के कारण उनकी कृतियां एक विशेष कालखंड के आरोह-अवरोहों से गुजरती हुई समय और समाज की वस्तु और जीवन-सत्य से हमें रूबरू कराती है। प्रस्तुत उपन्यास 'चन्द्रमुखी’में लोकमंच की एक नृत्यांगना चन्द्रमुखी की जीवन-यात्राा के संघर्षों और द्वन्द्वों का चित्रण है। कथाकार ने इसके माध्यम से लोकमंच से जुड़े कलाकारों के जीवन और जगत को इस तरह प्रस्तुत किया है कि सहृदय पाठक उनके सुख-दुख से अपने को तटस्थ नहीं रख पाता। आचरण से भ्रष्ट एवं पाखंडी लोगों से कदम-कदम पर उलझते हुए भी चन्द्रमुखी अपने चरित्र पर आँच नहीं आने देती और अपने 'स्त्रीत्व’की गरिमा बनाये रखती है। विश्वास पाटील की औपन्यासिक कला की परख भी यहीं हुई है।

Price     Rs 430

विश्वास पाटील आधुनिक मराठी के अग्रणी लेखकों में से एक हैं। अपने सामाजिक तथा ऐतिहासिक उपन्यासों के कारण न सिर्फ मराठी साहित्य जगत में विख्यात हैं बल्कि हिन्दी, गुजराती और कन्नड़ के साहित्यप्रेमियों के बीच भी लोकप्रिय हैं। विश£ेषणपरक इतिहासबोध और संवेदनात्मक सामाजिक सरोकारों के कारण उनकी कृतियां एक विशेष कालखंड के आरोह-अवरोहों से गुजरती हुई समय और समाज की वस्तु और जीवन-सत्य से हमें रूबरू कराती है। प्रस्तुत उपन्यास 'चन्द्रमुखी’में लोकमंच की एक नृत्यांगना चन्द्रमुखी की जीवन-यात्राा के संघर्षों और द्वन्द्वों का चित्रण है। कथाकार ने इसके माध्यम से लोकमंच से जुड़े कलाकारों के जीवन और जगत को इस तरह प्रस्तुत किया है कि सहृदय पाठक उनके सुख-दुख से अपने को तटस्थ नहीं रख पाता। आचरण से भ्रष्ट एवं पाखंडी लोगों से कदम-कदम पर उलझते हुए भी चन्द्रमुखी अपने चरित्र पर आँच नहीं आने देती और अपने 'स्त्रीत्व’की गरिमा बनाये रखती है। विश्वास पाटील की औपन्यासिक कला की परख भी यहीं हुई है।
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