Kshama Karna Jiji

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Kshama Karna Jiji

Number of Pages : 110
Published In : 2011
Available In : Hardbound
ISBN : 9788126316229
Author: Narendra Kohli

Overview

'क्षमा करना जीजी’ यशस्वी कथाकार नरेन्द्र कोहली का नवीनतम उपन्यास है। यद्यपि यह उपन्यास एक परिवार के सम्बन्धों के भावुक वातावरण को लेकर रचना गया है, लेकिन इसकी मूल व्यथा पारिवारिक सम्बन्धों तक ही सीमित नहीं है। लेखक ने पूर्व स्मृति के शिल्प में प्राय: वे सारे प्रसंग उठाये हैं जो निम्न-मध्य वर्ग की नारी के जीवन में, विकास-पथ के विघ्नों के रूप में उसके सामने आते हैं। परिवारजनों का स्नेह-बन्धन भी हो सकता है, बाधा भी और अन्तत: छोटे-छोटे स्वार्थों तथा असमर्थताओं के कारण वह स्नेह का पाखण्ड भी हो सकता है। इस उपन्यास की नायिका जिजीविषा से भरी एक जुझारू महिला है, जो अपने सामथ्र्य, श्रम तथा साहस के बल पर जीवन का निर्माण करना चाहती है। वह वैसा कर पाती है या नहीं इसमें मतभेद हो सकता है, लेकिन वह अपने सम्मान की रक्षा में सफल होती है, इसमें कहीं कोई सन्देह नहीं। पौराणिक और ऐतिहासिक कथा-भूमि से अलग, नरेन्द्र कोहली के इस सामाजिक उपन्यास को हिन्दी पाठक-समाज द्वारा खूब सराहा गया है।

Price     Rs 110

'क्षमा करना जीजी’ यशस्वी कथाकार नरेन्द्र कोहली का नवीनतम उपन्यास है। यद्यपि यह उपन्यास एक परिवार के सम्बन्धों के भावुक वातावरण को लेकर रचना गया है, लेकिन इसकी मूल व्यथा पारिवारिक सम्बन्धों तक ही सीमित नहीं है। लेखक ने पूर्व स्मृति के शिल्प में प्राय: वे सारे प्रसंग उठाये हैं जो निम्न-मध्य वर्ग की नारी के जीवन में, विकास-पथ के विघ्नों के रूप में उसके सामने आते हैं। परिवारजनों का स्नेह-बन्धन भी हो सकता है, बाधा भी और अन्तत: छोटे-छोटे स्वार्थों तथा असमर्थताओं के कारण वह स्नेह का पाखण्ड भी हो सकता है। इस उपन्यास की नायिका जिजीविषा से भरी एक जुझारू महिला है, जो अपने सामथ्र्य, श्रम तथा साहस के बल पर जीवन का निर्माण करना चाहती है। वह वैसा कर पाती है या नहीं इसमें मतभेद हो सकता है, लेकिन वह अपने सम्मान की रक्षा में सफल होती है, इसमें कहीं कोई सन्देह नहीं। पौराणिक और ऐतिहासिक कथा-भूमि से अलग, नरेन्द्र कोहली के इस सामाजिक उपन्यास को हिन्दी पाठक-समाज द्वारा खूब सराहा गया है।
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